राज्यपाल ने किया गंगा वन क्षेत्र का उद्द्घाटन- पद्मश्री वृक्षमाता थिमक्का व राष्ट्रपति के योगदान का भी किया जिक्र,




राज्यपाल ने किया गंगा वन क्षेत्र का उद्द्घाटन- 
पद्मश्री वृक्षमाता थिमक्का व राष्ट्रपति के योगदान का भी किया जिक्र, 

(अमित तिवारी) कासगंज :  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में चलाये जा रहे वृक्षारोपण महाकुम्भ कार्यक्रम के इस शुभ अवसर पर जनपद कासगंज के गंगा तटवर्ती ग्राम चंदनपुर घटियारी में शुक्रवार प्रातः 10 वजकर 30 मिनट पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने यहां पधारकर.... 62 हेक्टेयर भूमि पर रोपित किये गए 1 लाख से अधिक पौधों के गंगा वन क्षेत्र का उद्घाटन किया, 



गंगा वन के इस उपवन की पंचवटी एवं नक्षत्र वाटिका में 51 प्रजाति के 1 लाख से अधिक फलदार.. शोभाकर व औषधीय वृक्षों को रोपित किया गया,




इस शुभ अवसर पर महामहिम राज्यपाल के साथ नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा भी उपस्थित रहे,





साथ ही स्थानीय सांसद राजवीर सिंह, प्रभारी मंत्री सुरेश पासी व राज्यमंत्री संदीप सिंह सहित स्थानीय विधायक देवेन्द्र राजपूत, देवेन्द्र प्रताप, ममतेश शाक्य के साथ साथ भाजपा जिलाध्यक्ष एवं अधिकतर कार्यकर्ता उपस्थित रहे,


वहीँ प्रशासन की ओर से कासगंज जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह, डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ सहित अधिकतर अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे,
मंच पर उपस्थित अथितिगणों ने महामहिम राज्यपाल को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका जोरदार अभिनन्दन व अभिवादन किया, 


इस अवसर पर संत तुलसीदास व अमीर खुसरो की भूमि को नमन व्यक्त करते हुए अपने अभिभाषण के दौरान महामहिम राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों के समक्ष कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या के समानुपात में 22 करोड़ वृक्ष लगाने का संकल्प लिया है, प्रत्येक जनपद में जनसंख्या के समानुपात में वृक्षारोपण किया जा रहा है, यह एक सराहनीय पहल है, 




उन्होंने कहा कि अगर पेड़ नहीं होंगे तो जल भी नहीं बचेगा, इसलिए अपने बुजुर्गों की भांति अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, विद्यालयों में समय निकालकर समय समय पर छात्र छात्राओं द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाये जाएं, साथ ही जल संवर्धन व जल संचयन को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए.. ताकि समय रहते असंतुलित होते जारहे जल भंडारों के भूगर्भीय पुनर्भरण का संतुलन बना रहे, क्योंकि आज विश्व के अधिकतर देश जल की अधिकता या कमी की आपदाओं से जूझ रहे हैं,



महामहिम ने कहा कि आज विश्व आदिवासी दिवस के साथ साथ भारत छोड़ो आंदोलन की 77 वीं वर्षगांठ भी है, यह एक अत्यंत शुभ अवसर है, उन्होंने मंच से नारा दिया कि एक बृक्ष एक बेटा... एक वृक्ष एक बेटी, के संकल्प का सभी अनुसरण करें, इसके साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति दृढ संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष रोपित करें,




वृक्ष माता पद्मश्री सालूमरदा थिमक्का का किया जिक्र :
अपने अभिभाषण के दौरान महामहिम ने कर्नाटक की वृक्ष माता पद्मश्री सालूमरदा थिमक्का का जिक्र करते हुए लोगों को उनकी प्रेरणादायक कहानी सुनायी, कहा कि थिमक्का की कहानी धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है, उनके गांव में लोग एक के बाद एक पेड़ काटते जा रहे थे, थिमक्का ने महिलाओं का एक समूह बनाकर इसे रोका, उन्होंने गांव के बाहर पहाडी व रास्तों पर हजारों पेड़ लगाये, थिमक्का के कोई संतान नहीं थी... इसलिए उन्होंने पेड़ों को ही अपनी संतान मान लिया था, स्थानीय लोग उन्हें वृक्ष माता के नाम से जानने लगे, उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें पद्मश्री पुरुस्कार प्रदान किया गया,





राष्ट्रपति ने पर्यावरण के क्षेत्र में किये अपने योगदान का कभी नहीं लिया श्रेय :
राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश के वर्तमान महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद का जल वृक्ष पर्यावरण व आरोग्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान रहा है, उन्होंने इसका महान योगदान का कभी श्रेय नहीं लिया,



कुपोषित बच्चों के प्रति व्यक्त की संवेदना :
माननीय महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण के दौरान कहा कि कुछ बच्चों में कुपोषण के उपरांत टीवी जैसी गंभीर बीमारियाँ घर कर रहीं हैं, यह बेहद चिंताजनक है, आगामी समय में वह वच्चों में कुपोषण व संक्रामक बीमारियों को दूर करने हेतु प्रदेशभर में काम करने जा रहीं हैं, इससे पूर्व उन्होंने गुजरात में इस तरह के 7 हज़ार बच्चों को गोद लिया जिनमें से 4 हज़ार बच्चों को इस बीमारी से निजात दिलवाने में सफलता हासिल की, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी सरपंच अर्थात प्रधान यह संकल्प लें कि उनके गांव में कोई बच्चा कुपोषित न रहने पाए,



धारा 370 को हटाने का किया समर्थन :
महामहिम राज्यपाल ने कासगंज के मंच से कहा कि बीते दिनों मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को संविधान से हटा दिया है, यह एक सराहनीय कदम है, उन्होंने कहा राष्ट्र में इस वक्त एक मजबूत सरकार है, प्रधानमंत्री के राष्ट्र संबोधन का जिक्र करते हुए वह कहतीं हैं कि गुरूवार शाम 8 बजे मोदी ने राष्ट्र संबोधन के दौरान यह व्यक्त कर दिया है कि जो काम पहले नहीं हुआ वो अब होगा,



बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका की सराहना :
महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के कासगंज आगमन के अवसर पर कार्यक्रम पंडाल में स्कूली बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण सम्बन्धी नृत्य नाटिका का मंचन किया गया, राज्यपाल ने समाज को वृहद सन्देश देने बाली इस प्रस्तुति की बेहद प्रशंसा की,



प्रदेश में राज्यपाल पहला कार्यक्रम :
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में लखनऊ से बाहर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का यह पहला कार्यक्रम बताया जा रहा है, यह जनपद कासगंज का परम सौभाग्य है कि महामहिम राज्यपाल के कर कमलों द्वारा गंगा वन क्षेत्र कार्यक्रम की उद्घाटन शिला रखी गयी,

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