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Showing posts from July, 2019

साइकिल से ही यूरोप अफ्रीका व अरब देशों को पार कर सोरों जी पहुंचे रूसी यात्री मिखायू,

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साइकिल से ही यूरोप अफ्रीका व अरब देशों को पार कर सोरों जी पहुंचे रूसी यात्री मिखायू,
(अमित तिवारी) सोरों जी : साइकिल से ही चार महादीपों के दर्जनों देशों को पार कर रूस के एक मनोवैज्ञानिक मिखायू जो कि शुक्रवार दोपहर भारत की तीर्थ नगरी सोरों जी पहुंचे, यहां कुछ समय बिताकर वह बरेली पीलीभीत होकर नेपाल की ओर निकल गए, 


मिखायू से मेरी मुलाकात कासगंज सोरों जी के बीच गोरहा पर हुयी, वह साइकिल चलाते हुए सोरों जी की ओर जा रहे थे, मैंने आदरपूर्वक उन्हें रोककर अपना परिचय देते हुए उनकी इस रोमांचकारी साइकिल यात्रा के बारे में विस्तृत पूंछतांछ की, उन्होंने अपना नाम मिखायू उर्फ़ मिखाइल कोर्किन बताया, उन्होंने बताया कि वह रूस स्थित मोस्को शहर के निवासी हैं, वह साइकिल से विश्व भ्रमण करने के लिए 25 मई 2017 को निकले थे,



वह साइकिल द्वारा अपने देश रूस से बेलारूस पोलेंड चेक-गणराज्य ऑस्ट्रिया इटली फ़्रांस स्पेन मोरक्को मॉरिटानिया सेनेगल गुएना घाना टोगो बेनिन कैम्बरोन  गैबन कांगो नाम्बिया साउथ अफ्रीका वोट्सवाना जाम्बिया तंजानिया केन्या  इथोपिया सूडान मिस्र जॉर्डन सीरिया लेबनोन तुर्की इराक व ईरान होते हुए भारत के शहर …

जिलाधिकारी ही नहीं.. बृक्ष देवता कहिये,

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जिलाधिकारी ही नहीं.. बृक्ष देवता कहिये,
(अमित तिवारी) कासगंज : जनपद में इस बार जिस प्रकार से... जिस भावना से... जिस संकल्प से.. एक महा-अभियान के रूप में बृक्षारोपण कार्य किया जा रहा है.. वह सब देखकर अगर हम और आप कासगंज जिलाधिकारी को एक बृक्ष देवता की संज्ञा दें तो यह कहना अनुचित नहीं होगा, 


कासगंज जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने एक देवता के रूप में अपने डीएफओ उपदेवता दिवाकर वशिष्ठ के साथ मिलकर जनपद में 15 लाख 92 हज़ार 4 सौ 94 नव बृक्षों को रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, नित्य प्रतिदिन एक महा-अभियान की भांति बृक्षारोपण की मोनिटरिंग की जा रही है, 




डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में बीते 20 दिनों में 2 लाख से अधिक

अपहरण व गैंगरेप के आरोपी गिरफ्तार,

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(अमित तिवारी) कासगंज: बीते दिनों 4 जुलाई को कासगंज अमांपुर रोड पर एक महिला का स्विफ्ट गाडी से  अपहरण कर लूट करने एवं गैंगरेप करने की घटना घटित हुई थी, इसी बीच 5 जुलाई को जनपद मैनपुरी में भी इसी प्रकार की घटना घटित हुई थी, ये दोनों  घटना पुलिस के लिये चुनौती बनी हुई थीं, उक्त घटनाओं को एक चुनौती के रूप में लेकर पुलिस अधीक्षक कासगंज में सुशील घुले द्वारा उक्त घटना के सफल अनावरण के लिये अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज डा0 पवित्र मोहन त्रिपाठी एवं क्षेत्राधिकारी नगर कासगंज के नेतृत्व में थाना कासगंज एवं स्वाट/ सर्विलांस की टीमों का गठन किया गया था, गठित टीमों द्वारा की जा रही कार्यवाही का पर्यवेक्षण स्वयं पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा किया जा रहा था, पुलिस टीमें निरंतर जनपद एवं आसपास के जनपद में अज्ञात बदमाशों व लूटे गये माल की तलाश कर रही थी, दो  दिवस पूर्व थाना पिलुआ एटा पुलिस द्वारा एक अभियुक्त अमित कुमार उर्फ अनिल कुगार गिरफ्तार किया गया था जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट गाड़ी बरामद हुई थी, एटा पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज एवं थाना कारागंज पुलिस द्वारा…

हज़ारों चीखें न निकलें उससे पहले इसकी कराह सुन ली जाए तो बेहतर है,

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(अमित तिवारी) कासगंज: कुछ इंसान अपने क्षुद्र लाभ के लिए किसी भी अमूल्य बस्तु जीव प्रकृति पर्यावरण स्थान संपत्ति व ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने से भी गुरेज नहीं करते,  इसी इंसानी जिद और उसके अतिक्रमण के कारण कासगंज की ऐतिहासिक धरोहर नदरई एक्वाडक्ट अर्थात जलसेतु जो अब दिन प्रतिदिन जर्जर होता जा रहा है, इसके जर्जर होने की बजह इसके ऊपर से गुजरने बाला भारी यातायात है.... जो तमाम बंदिशों के बावजूद आज तक नहीं रोका जा सका, अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि दुनियाभर में चर्चित कासगंज की यह ऐतिहासिक धरोहर  बेहद खतरे में है, अगर किसी भी कारण से यह एक्वाडक्ट अचानक टूटता होता है तो एक साथ हज़ारों लोगों के मरने की आशंका रहेगी, इसे रोकने के लिए हमें एहतियातन नदरई एक्वाडक्ट के ऊपर से गुजरने बाले यातायात को तत्काल प्रतिबंधित करना होगा,
इस संरचना की यथास्थिति जानने के लिए Structure Stability Survey कराना अनिवार्य हो चला है,
कासगंज के पूर्व जिलाधिकारी आरपी सिंह ने भी इस संदर्भ में संबंधित विभाग को एक नोटिस भेजा था, पर एक वर्ष के उपरांत भी इस एक्वाडक्ट    की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर कोई ठोस नीति न बन सकी,



इस जाति की 95 फीसदी आबादी आज भी है अशिक्षित,

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इस जाति की 95 फीसदी आबादी आज भी है अशिक्षित,
(अमित तिवारी) सोरों जी/कासगंज : तीर्थ स्थल सोरों जी में रह रहे रमईया जाति की 95 फीसदी आबादी आज भी अशिक्षित है, बांकी 5 फीसदी लोग भी दसवीं से अधिक पढ़े लिखे नहीं है, वहीँ अगर महिलाओं की बात की जाये तो वह 100 फीसदी अशिक्षित हैं,  

सोरों जी में इनकी आबादी 15 सौ और वहीँ देशभर में तक़रीबन डेढ़ लाख के आसपास, हैरत की बात यह है कि शिक्षा के नाम पर सरकार द्वारा चलाये जा रहे तमाम अभियान से यह वर्ग आज भी अछूता क्यों है, एक बुजुर्ग से हमने बात की तो उनका कहना था कि सैकड़ों साल पूर्व उनकी जाति के लोग खानाबदोश की जिंदगी व्यतीत करते थे, कुछ मजदूरी तो अधिकतर भीख मांगकर अपना गुजारा करते थे, उनके बच्चे भी भीख मांगने का काम करने लगे, 

दो वक्त की रोटी और चार पैसे के चक्कर में उन्होंने अपने बच्चों को कभी स्कूल नहीं भेजा, जिसके कारण अज उनकी समूची जाति अशिक्षित रह गयी, गरीबी और अशिक्षा के कारण आज वह पूर्ण रूप से बेरोजगार हैं,


अशिक्षा से जागरूकता की कमी ने उन्हें बेहद कमजोर बना दिया है,  आज मजदूरी और भीख मांगने के अलावा अब उनका दूसरा कोई पेशा नहीं है, कुछ अशिक्षित बच्चे त…

एक नदी जो धीरे धीरे नाले में तब्दील हो गयी

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एक नदी जो धीरे धीरे नाले में तब्दील हो गयी
(अमित तिवारी) सोरों जी/कासगंज: 125 किलोमीटर लंबी पौराणिक नदी बूढ़ी गंगा जो धीरे धीरे नाले में तब्दील हो गयी, अल्लीपुर बरबारा के पास गंगा जी से निकलकर यह मरी हुयी नदी बघरई और फिर कम्पिल से पूर्व गंगा जी में जाकर ही मिल जाती है, बूढ़ी गंगा के किनारे कई प्राचीन पौराणिक नगरों का सन्दर्भ मिलता है, सोरों जी के बाद राम छितौनी पटियाली और कम्पिल सभ्यता इसका मौजूदा प्रमाण हैं, सोरों जी के तीर्थ पुरोहित बताते हैं कि तक़रीबन 4 सौ वर्ष पूर्व भौगोलिक परिवर्तनों व इंसानी अतिक्रमण के कारण धीरे धीरे नाले में तब्दील हो गयी, कभी दर्जनों गांव की जीवन दायिनी रही बूढ़ी गंगा अब अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है, 


कासगंज जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने इस मरी हुयी नदी को फिर से पुनर्जीवित करने का वीणा उठाया है, 

बीते दिनों इस नदी के मौजूदा स्वरुप की सफाई के लिए तक़रीबन 25 हज़ार लोगों ने श्रम दान किया, परन्तु इन तमाम प्रयासों के बावजूद सोरों जी हरिपदी घाट के पास से गुजर रही इस बूढ़ी गंगा का स्वरुप देखकर आपका ह्र्दय द्रवित हो जायेगा, सोरों जी नगर पालिका की ओर से इस नदी को स्वच्छ …