(अमित तिवारी) : खराब रोड इंजीनियरिंग के कारण जनपद में हर साल दर्जनों लोगों की जान जा रही है, इनमें अधिकतर दुर्घटनाएं सड़क पर अंधे-तीव्र मोड़ के कारण हो रही हैं,



कासगंज : खराब रोड इंजीनियरिंग के कारण हर साल जनपद में दर्जनों वाहन सवारों की जान जा रही है, इनमें अधिकतर दुर्घटनाएं सड़क पर अंधे-तीव्र मोड़ के कारण हो रहीं हैं, ऐसे अंधे-तीव्र मोड़ व दुर्घटना संभावित सड़क स्थानों को हम ब्लैक स्पॉट भी कहते हैं, ऐसे अंधे-तीव्र मोड़ पर अगर कुछ तकनीकी वदलाव किए जाएं तो काफी हद तक वहां होने बाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है,


जनपद कासगंज में इस तरह के कई अंधे-तीव्र मोड़ अर्थात ब्लॉक स्पॉट हैं जिनमें नगरिया कछला के बीच गोला कुआं मोड़, नदरई हज़ारा नहर पुल से सिकन्दराराऊ की ओर मोड़, डुकरिया नगला पुलिया मोड़, अमांपुर सिढ़पुरा रोड पर बाछमई पुलिया मोड़, सिढ़पुरा गंजडुंडवारा रोड पर रजमऊ कला बम्बा पुलिया मोड़ व पटियाली अलीगंज रोड पर अशोकपुर को चिन्हित किया गया था,


इन अंधे-तीव्र मोड़ बाले स्थानों पर पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी भरे साइन बोर्ड व रिफ्लेक्टर लगवाए हैं जो इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाकाफी इंतज़ाम हैं, दरअसल इन दुर्घटनाएं रोकने के लिए हमें इससे आगे कुछ और तकनीकी बदलाव करने होंगे, अर्थात हमें सड़क के इन सेक्शन को "सुपर एलिवेशन" डिजाइन फार्मूले के अनुरूप ढालना होगा,


क्या है सुपर एलिवेशन-
 जब कभी किसी सड़क में मोड़ आता है तो उस घुमाव व त्रिज्या के अनुरूप उस स्थान पर सड़क के फर्श को मोड़ के बाहरी ओर ऊंचा उठाकर सड़क को ढालू बनाया जाता है, मोड़ पर इस प्रकार बाहर से अंदर की ओर ढालू बनाया जाना सुपर-ऐलिवेशन कहलाता है, तेज गति होने पर वाहन बाहर की ओर फिसलता है, बाहर की ओर सड़क उठान अर्थात सुपर एलिवेशन डिजाइन फॉर्मूले के इस्तेमाल से वाहन के फिसलने की प्रवृत्ति को रोकने में सहायता मिलती है,

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