एक जिलाधिकारी का भागीरथी प्रयास – चार सौ बरस से प्यासी बूढ़ी गंगा में फिर से अविरल होगी पौराणिक धार,




एक जिलाधिकारी का भागीरथी प्रयास चार सौ बरस से प्यासी बूढ़ी गंगा में फिर से अविरल होगी पौराणिक धार


(अमित तिवारी) कासगंज। बुधवार 19 जून को जिलाधिकारी कासगंज चन्द्र प्रकाश सिंह द्वारा पिछले चार सौ वर्षों से सूखी पडी जल विहीन लुप्त होने की कगार पर 125 किलोमीटर लम्बी एवं चार विशालकाय झीलों व 60 से अधिक ग्राम सभ्यता की जीवन दायिनी रही उपनदी बूढ़ी गंगा के पुनरुद्धार हेतु मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारक श्रमिक एवं श्रमदान कराकर पूर्ण कराये जाने का भागीरथी प्रयास आरम्भ किया गया



विश्व रिकॉर्ड रहे इस सामूहिक श्रमदान में जनपद के सभी अधिकारीगणों नेतागणों सामाजिक कार्यकर्ताओं गणमान्य नागरिकों मीडियाजनों व श्रमिकों सहित 25 हज़ार से अधिक लोगों ने भाग लिया,  

जिलाधिकारी द्वारा यह मुख्य कार्यक्रम स्थल बूढ़ी गंगा नदी ग्राम पंचायत मानपुर नगरियाविकास खण्ड सोरों में बुधवार दिनांक 19 जून 2019 को प्रातः 6 बजे से आरंभ किया गया

जनपद के प्रमुख पौराणिक स्थान सोरों जी रामछितौनी व पटियाली जो कि बूढ़ी गंगा का मैदानी तट माना जाता हैपौराणिक अनुश्रुतियों के अनुसार जंबूद्वीप में बूढ़ी गंगा के नाम से एक उपनदी बहती थी,  जहां  भक्तगण स्नान करते थे पौराणिक भूगोल के आधार पर यह कहना उपयुक्त होगा कि कासगंज जनपद  जंबूद्वीप का ही अभिन्न हिस्सा था,  


सोरों जी में आज भी भागीरथ की गुफा के नाम से एक दर्शनीय स्थल है जहां कपिल मुनि के बाद भागीरथ ने गंगा अवतरण हेतु सहस्रों वर्ष तक तपस्या की,  मान्यता है कि कालखंड में प्रमुख गंगा सोरों जी से होकर ही प्रवाहित होती थी धीरे धीरे भौगोलिक परिस्थितियों में परिवर्तन होते गए और प्रमुख गंगा सोरों से खिसककर 7 किलोमीटर दूर लहरा की ओर प्रवाहित होने लगी इसके वावजूद सोरों जी से होकर गंगा की एक उपधार प्रवाहित होती रही इस उपधार को बूढ़ी गंगा के नाम से जाना जाता रहा चार सौ वर्ष पूर्व भौगोलिक परिस्थितियों में फिर से परिवर्तन के कारण यह धार भी धीरे धीरे विलुप्त हो गयी 

पंद्रह वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने बूढ़ी गंगा के पुनरुद्धार हेतु सफाई व उत्तखनन कार्य कराया था परन्तु इस प्रयास से बारिश के दौरान एक बार ही बूढ़ी गंगा में जल प्रवाह देखा गया, आगामी समय में  बूढ़ी गंगा में निरंतर जल प्रवाह हेतु एक बड़ी कारगर योजना बनानी होगी,  कासगंज जिलाधिकारी ने इसकी शुरुआत की है,  आशा जगी है कि एक दिन फिर से बूढ़ी गंगा में नियमित जलप्रवाह बनेगा,



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