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Showing posts from June, 2019

(अमित तिवारी) : खराब रोड इंजीनियरिंग के कारण जनपद में हर साल दर्जनों लोगों की जान जा रही है, इनमें अधिकतर दुर्घटनाएं सड़क पर अंधे-तीव्र मोड़ के कारण हो रही हैं,

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कासगंज : खराब रोड इंजीनियरिंग के कारण हर साल जनपद में दर्जनों वाहन सवारों की जान जा रही है, इनमें अधिकतर दुर्घटनाएं सड़क पर अंधे-तीव्र मोड़ के कारण हो रहीं हैं, ऐसे अंधे-तीव्र मोड़ व दुर्घटना संभावित सड़क स्थानों को हम ब्लैक स्पॉट भी कहते हैं, ऐसे अंधे-तीव्र मोड़ पर अगर कुछ तकनीकी वदलाव किए जाएं तो काफी हद तक वहां होने बाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है,


जनपद कासगंज में इस तरह के कई अंधे-तीव्र मोड़ अर्थात ब्लॉक स्पॉट हैं जिनमें नगरिया कछला के बीच गोला कुआं मोड़, नदरई हज़ारा नहर पुल से सिकन्दराराऊ की ओर मोड़, डुकरिया नगला पुलिया मोड़, अमांपुर सिढ़पुरा रोड पर बाछमई पुलिया मोड़, सिढ़पुरा गंजडुंडवारा रोड पर रजमऊ कला बम्बा पुलिया मोड़ व पटियाली अलीगंज रोड पर अशोकपुर को चिन्हित किया गया था,


इन अंधे-तीव्र मोड़ बाले स्थानों पर पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी भरे साइन बोर्ड व रिफ्लेक्टर लगवाए हैं जो इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाकाफी इंतज़ाम हैं, दरअसल इन दुर्घटनाएं रोकने के लिए हमें इससे आगे कुछ और तकनीकी बदलाव करने होंगे, अर्थात हमें सड़क के इन सेक्शन को "सुपर एलिवेशन" डिजाइन फार्मूले के अनुरूप ढाल…

(अमित तिवारी) : "रमइया" एक अभागी जाति- जिसे आज तक नहीं मिली संवैधानिक पहचान, यूपी सरकार ने जातीय अनुसूची में किया संशोधन.. रमइयाओं का संघर्ष एक बार फिर दरकिनार।

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कासगंज: यूपी सरकार ने आज जातीय अनुसूची में संशोधन किया है, जहां कासगंज के सोरों जी में रह रमइया जाति को अभी तक संवैधानिक पहचान नहीं मिल सकी है, आज़ादी के बाद से यह जाति त्रुटिवश जातीय अनुसूची में दर्ज होने से छूट गयी थी, जिसके बाद से आज तक इस जाति के लोग अपनी जातीय पहचान पाने के लिए पिछले कई दशकों से संघर्ष कर रहे है, पूरे विश्व में अनुमानित 3 हज़ार से अधिक जातियां व 25 हज़ार से अधिक उपजातियां लिस्टेड हैं वहीँ हमारे भारत वर्ष में 34 प्रमुख जातियों व 248 से अधिक प्रमुख उपजातियों व 3000 से अधिक अंतर्विवाही जातियों का जिक्र मिलता है, परन्तु कासगंज जनपद के सोरों जी में निवास कर रही लगभग 15 सौ संख्या की आबादी बाली रमइया जनजाति का जिक्र दुनिया के सबसे बड़े वेब सर्च इंजन गूगल पर भी नहीं मिलता है, इस देश के तमाम धर्म और इस देश का समूचा सरकारी सिस्टम जो कि इस रमइया जनजाति को आज भी आधिकारिक तौर पर मान्यता प्रदान नहीं करता है, सोरों में रहने वाले व अधिकतर सिख धर्म के अनुयायी बन चुके इस जाति के लोगों को यहां की सरकार इनकी मूल जाति रमइया जनजाति के नाम से जाति प्रमाणपत्र भी निर्गत नहीं करती है, पि…

(अमित तिवारी) : फोरलेन में दफ़न हो गई लाखा की विरासत- 16 वीं शताब्दी का एक जल देवता जिसने वृन्दावन से सोरों तक खुदवाये दर्जनों कुएं,

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कासगंज सोरों जी के बीच फोरलेन सड़क निर्माण के लिए चौड़ीकरण किया जा रहा है, इस चौड़ीकरण के चलते कई दुकान भवन को ढहाया गया व हज़ारों पेड़ों को काटना पड़ा है, वहीं कुछ ऐतिहासिक विरासत को भी ढहाने की बात सामने आई है,
कासगंज सोरों जी के बीच हमें अक्सर कुछ प्राचीन कुएं नज़र आते थे, जो अब नहीं दिखते, उन कुओं का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो गया है, दरअसल सड़क चौड़ीकरण के चलते लाखा बंजारा की ऐतिहासिक विरासत को दफन कर दिया गया है, ये वही लाखा बंजारा है जिसे 16 वीं शताब्दी में जल देवता कहा जाता था, लाखा बंजारा उस दौर में भारत का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्टर था, बताया जाता है कि उसके काफिले में 10 हज़ार बैलगाड़ी और 20 हज़ार बैल शामिल थे,
लाखा  जहां भी जाता... तालाब खुदवाता... कुएं  खुदवाता, उसने देशभर में सैकड़ों तालाब और हज़ारों कुएं खुदवाये, इसी श्रखंला में लाखा बंजारा ने अपनी एक धार्मिक यात्रा के दौरान वृन्दावन से लेकर सोरों तक दर्जनों कुएं खुदवाये जो चंद दिनों पहले तक अपने सम्पूर्ण अस्तित्व के साथ खड़े थे पर सड़क चौड़ीकरण के चलते अब पूरी तरह दफन हो चुके हैं,


हज़ारों वर्षों में कहीं एक लाखा बंजारा जैसे लोक नायक जन्म …

(अमित तिवारी) पटियाली। एक ऐतिहासिक नगर जो धीरे धीरे अपनी पहचान खो रहा है, 

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जनपद कासगंज का ऐतिहासिक नगर पटियाली जो धीरे धीरे अपनी पहचान खो रहा है, दक्षिण पांचाल का मुख्यालय रहा पटियाली नगर का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है,




कहा जाता है कि 5 हज़ार साल पहले इस नगर में भव्य भवन संरचनाओं की एक विशाल श्रृंखला मौजूद थी,



पांचाल राज्य के अंतर्गत राजा द्रुपद की दो राजधानियां थीं जिनमें एक कम्पिल और दूसरी पटियाली, पटियाली के विशाल दुर्ग पर राजा द्रुपद का मुख्यालय हुआ करता था,


यहां राजा द्रुपद की एक रानी दासी पटिया का महल भी था, दुर्ग के उत्तर में बूढ़ी गंगा प्रवाहित होती थी,



दुर्ग के पूर्वी भाग में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम हुआ करता था,


दुर्ग के पश्चिमी भाग में आदि शक्ति मां पाटलावती देवी का मंदिर था, पटियाली के भूभाग पर राजा द्रुपद के पश्चात अश्वस्थामा ने भी शासन किया, जिसके उपरांत पटियाली अनेक राजवंशों के अधीन रहा,



जनश्रुतियों के अनुसार बादशाह बलबन से लेकर मुहम्मद बिन तुगलक अकबर और फिर अंग्रेज हुकूमत के दौरान ये नगर जिला मुख्यालय भी रहा,



लगातार बढ़ती जनसंख्या और घटते पारिवारिक प्रभुत्व के कारण बड़ी बड़ी हवेली छोटे छोटे स्वरूपों में विभक्त होतीं गयीं, समय पर हावी आधुनिक…

एक जिलाधिकारी का भागीरथी प्रयास – चार सौ बरस से प्यासी बूढ़ी गंगा में फिर से अविरल होगी पौराणिक धार,

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एक जिलाधिकारी का भागीरथी प्रयास – चार सौ बरस से प्यासी बूढ़ी गंगा में फिर से अविरल होगी पौराणिक धार, 

(अमित तिवारी) कासगंज। बुधवार 19 जून को जिलाधिकारी कासगंज चन्द्र प्रकाश सिंह द्वारा पिछले चार सौ वर्षों से सूखी पडी जल विहीन लुप्त होने की कगार पर 125 किलोमीटर लम्बी एवं चार विशालकाय झीलों व 60 से अधिक ग्राम सभ्यता की जीवन दायिनी रही उपनदी बूढ़ी गंगा के पुनरुद्धार हेतु मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारक श्रमिक एवं श्रमदान कराकर पूर्ण कराये जाने का भागीरथी प्रयास आरम्भ किया गया, 


विश्व रिकॉर्ड रहे इस सामूहिक श्रमदान में जनपद के सभी अधिकारीगणों नेतागणों सामाजिक कार्यकर्ताओं गणमान्य नागरिकों मीडियाजनों व श्रमिकों सहित 25 हज़ार से अधिक लोगों ने भाग लिया,
जिलाधिकारी द्वारा यह मुख्य कार्यक्रम स्थल बूढ़ी गंगा नदी, ग्राम पंचायत मानपुर नगरिया, विकास खण्ड सोरों में बुधवार दिनांक 19 जून 2019 को प्रातः 6 बजे से आरंभ किया गया, 
जनपद के प्रमुख पौराणिक स्थान सोरों जी रामछितौनी व पटियाली जो कि बूढ़ी गंगा का मैदानी तट माना जाता है, पौराणिक अनुश्रुतियों के अनुसार जंबूद्वीप में बूढ़ी गंगा के नाम से एक उपनदी ब…

पैसों के लिए निर्दोषों को फंसाने बाला कथित बकील गिरफ्तार, कासगंज पुलिस का खुलासा.. जिसे पढ़कर आपका दिमाग चकरा जायेगा,

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पैसों के लिए निर्दोषों को फंसाने बाला कथित बकील गिरफ्तार, कासगंज पुलिस का खुलासा.. जिसे पढ़कर आपका दिमाग चकरा जायेगा,
(अमित तिवारी) कासगंज। अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत कासगंज पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक ऐसे केस का खुलासा हुआ है कि जिसे पढ़कर आपका दिमाग चकरा जायेगा, नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ घिनौने कृत्य कर और बंधक बनाकर व ब्लैकमेल कर उन लड़कियों से अन्य निर्दोषों के विरुद्ध बलात्कार के फर्जी शिकायतें करवाकर लाखों की रकम ऐंठना एक कथित बकील नारायण पचौरी का पेशा था, फ़िलहाल नारायण पचौरी नाम के इस कथित बकील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, इस पूरे घिनौने ट्रेप को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा, दरअसल कुछ दिन पूर्व जनपद के थाना सिढ़पुरा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सींगपुर निवासी सुदामाचरन का गांव के ही श्याम सन्दर, रुपकिशोर, चन्द्रशेखर आदि से जमीनी विवाद चल रहा था इस प्रकरण में 30 मई को सुदामाचरन की पुत्री रूबी (काल्पनिक नाम) द्वारा थाना सिढ़पुरा पर विपक्षी श्याम सुन्दर आदि के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था…

अमित तिवारी कासगंज: महज 12 हज़ार के सालाना सब्सक्रिप्शन पर आप किसी का भी मोबाइल कर सकते हैं अपने अधीन- बाजार में खुलेआम बिक रहे हैं स्पाई सॉफ्टवेयर।

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महज 12 हज़ार के सालाना सब्सक्रिप्शन पर आप किसी का भी मोबाइल को कर सकते हैं अपने अधीन- बाजार में खुलेआम बिक रहे हैं स्पाई सॉफ्टवेयर। 


विदेशी सर्विस प्रोवाइडर भारत के मोबाइल उपभोक्ताओं की निजता में किस कदर सेंध लगा रहीं है कि महज 12 हज़ार के सालाना सब्सक्रिप्शन पर आप एक वक्त में किसी भी एक अन्य एंड्रॉइड मोबाइल यूजर की रिकार्डेड/लाइव कॉल सुन सकते हैं.... इतना ही नहीं वल्कि एसएमएस व्हाट्सएप्प फेसबुक ट्विटर चैटिंग लाइव देख/पढ़ सकते हैं, 


यह स्पाई सर्विलांस सॉफ्टवेयर/ऑनलाइन ऑफर आपको खुलेआम इंटरनेट पर मिल जाएंगे जहां महीने या सालाना भर एक निर्धारित मूल्य चुकाने पर यह सुविधा आप ले सकते हैं, यह निजता में एक बड़ी सेंध है, इन ऑनलाइन ऑफर्स को रोकने के लिए हमारे देश की एजेंसियां सक्षम नहीं दिखतीं, इन सॉफ्टवेयर से जुड़ी बहुत सारी जानकारियां हैं जो हम सार्वजनिक तौर पर अभी साझा नहीं कर रहे हैं, परंतु इतनी सलाह जरूर देंगे कि अगर आपकी बात आपके मैसेज कोई और न सुने/पढ़े तो आप बातचीत करने के लिए शीघ्र ही हज़ार बारह सौ का कोई बिना इंटरनेट वाले साधारण मोबाइल का प्रयोग करना शुरू कर दें, अन्यथा एंड्रॉइड मोबाइल से कॉलि…