कासगंज एसपी की सर्जिकल स्ट्राइक से अपह्यत मासूम सकुशल बरामद– मानवाधिकार कार्यकत्री व रिश्तेदारों ने किया था 4 वर्षीय हरेन्द्र का अपहरण,





कासगंज एसपी की सर्जिकल स्ट्राइक से अपह्यत मासूम सकुशल बरामद– मानवाधिकार कार्यकत्री व रिश्तेदारों ने किया था 4 वर्षीय हरेन्द्र का अपहरण,
(अमित तिवारी) कासगंज। टॉफी दिलवाने के वहाने मासूम का कर लिया अपहरण, अपने आपको मानवाधिकार कार्यकत्री बताने वाली 3 महिलाओं व 2 लड़कों ने रची थी 4 वर्षीय मासूम हरेन्द्र के अपहरण की साजिश।
5 मार्च मंगलवार दोपहर एक प्रेसवार्ता आयोजित कर जनपद कासगंज के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने इस बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है,
पुलिस अधीक्षक कासगंज अशोक कुमार शुक्ल ने स्वंय अग्रणी रहकर 5 लाख रूपये की फिरौती के लिये किये गये 4 वर्षीय मासूम बालक के अपहरण का सफल खुलासा करते हुए बताया कि इस अपहरण में शामिल 5 कुख्यात अभियुक्त गिरफ्तार किये गए हैं वहीँ 4 वर्षीय मासूम हरेन्द्र को भी सकुशल बरामद कर माता पिता के हवाले कर दिया गया है, अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल व फिरौती में प्रयुक्त मोबाईल फोन को भी बरामद किया गया है।


                       
आपको बताते चलें कि एक सप्ताह पूर्व दिनांक 26 फरबरी को जनपद के थाना पटियाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम ककराला निवासी अशोक कुमार पुत्र अजुद्दी ने थाना आकर सूचना दी कि दिनांक 21 फरबरी से उनका 4 वर्षीय पुत्र हरेन्द्र लापता है तथा सभी जगह तलाश करने पर अभी तक कोई पता नहीं लगा है, वादी द्वारा प्राप्त इस सूचना के आधार पर थाना पटियाली पर मुकदमा अपराध संख्या 78 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया तथा बालक की बरामदगी हेतु प्रयास प्रारम्भ किये गये।
दिनांक 1 मार्च  को वादी अशोक कुमार द्वारा थाना पटियाली पर  आकर सूचना दी गई कि अभी कुछ देर पहले उनके मोबाईल फोन पर 8937932280 से एक अज्ञात व्यक्ति की कॉल आयी थी जिसके माध्यम से वादी के पुत्र की घर वापसी की एवज में फिरौती के रूप में अभियुक्त द्वारा 5 लाख रूपये की मांग की गई है, वादी की पत्नी द्वारा अपने बच्चे से बात करने की इच्छा जताने पर अपहरणकर्ताओं द्वारा बात को टाल मटोल कर तथा अगले फोन का इन्तजार करने को कहकर फोन काट दिया जाता है और तत्पश्चात फोन को बन्द कर लिया जाता था, फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं द्वारा फोन पर बच्चे से उसके परिजनों की बात नहीं कराई जाती थी तथा फिरौती की मांग करते वक्त गाली गलौज एवं धमकी दी जाती थी, इन सब घटनाओं से वादी तथा वादी की पत्नी काफी डरे हुए थे कि कहीं अपहरणकर्ताओं द्वारा उनके मासूम बच्चे के साथ कुछ अनहोनी ना कर दी गई हो,
इस सूचना के प्राप्त होने के पश्चात पुलिस अधीक्षक कासगंज अशोक कुमार शुक्ल द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए मासूम बालक की बरामदगी एवं घटना में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु स्वंय अग्रणी रहकर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ पवित्र मोहन त्रिपाठी के साथ क्षेत्राधिकारी कासगंज व क्षेत्राधिकारी पटियाली के नेतृत्व में जनपद अलीगढ से स्थानान्तरित होकर आये निरीक्षक छोटे लाल व स्वाट टीम- सर्विलांस टीम कासंगज से प्रेमपाल एवं प्रभारी निरीक्षक पटियाली के नेतृत्व में भिन्न भिन्न टीमों का गठन किया गया तथा मासूम की सकुशल बरामदगी एवं अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी हेतु टास्क निर्धारित किये गये, पुलिस टीम द्वारा प्रतिदिन की जा रही कार्यवाही से अपह्रत के परिजनों को विश्वास में लेकर उन्हे भरोसा दिलाया तथा पुलिस के सहयोग की अपेक्षा की गई। अपहरणकर्ताओं द्वारा की गई फिरौती कॉल में प्रयोग किये गये मोबाईल नंबर के आधार पर सर्विलांस के माध्यम  से अभियुक्त पवन पुत्र सन्तकुमार निवासी अहरौली थाना व जनपद कासगंज की घटना में संलिप्तता पाई गई, इसी बीच पुलिस द्वारा मुखबिर के माध्यम से भी जानकारी कराई गई तो ठोस साक्ष्य के आधार पर फिरौती के लिये आये मोबाईल नंबर 8937932280 का नाम पता सर्विलांस के माध्यम से जानकारी की गई तो उक्त मोबाईल सोरों के एक व्यक्ति का पाया गया जिसका उक्त मोबाईल कुछ दिन पहले ही चोरी हो गया था,  पुलिस द्वारा इसी फिरौती कॉल में कुछ ऐसे तथ्य संज्ञान में आये जिससे स्पष्ट हो गया कि मासूम हरेन्द्र के अपहरण में पवन पुत्र सन्तकुमार उपरोक्त की निश्चित रूप से संलिप्तता है, अपहरणकर्ता पवन पुत्र सन्त कुमार वादी अशोक कुमार की सगा मौसेरा भाई है । पवन कुमार के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर दिनांक 4 मार्च को नदरई तिराहे से गिरफ्तार किया गया, तलाशी के दौरान घटना में प्रयुक्त मोबाईल पवन के कब्जे से बरामद किया गया इससे स्पष्ट हो गया कि इसी मोबाईल से फिरौती की कॉल की गई थी, पुलिस द्वारा की गई गहनता से पूछताछ करने पर पवन ने बताया कि अशोक पुत्र अजुददी उसकी मौसी का लड़का है, पवन व पवन के गांव के सन्जू उर्फ जंगबहादुर पुत्र सन्तकुमार व सोनू उर्फ टुण्डा पुत्र प्रेम सिंह द्वारा अशोक के पुत्र हरेन्द्र के अपहरण की योजना बनाई थी, योजना के मुताबिक दिनांक 21 फरबरी को यें तीनों ककराला गये थे तथा सोनू अशोक के घर गया था तथा घर पर अशोक की पत्नी नहीं थी अशोक की 10 वर्षीय पुत्री मौजूद थी जिसे बताया गया कि हम रिश्तेदार हैं हमारे घर पर शादी है इसलिए हम लोग शादी का कार्ड देने आये हैं,  जब अशोक की लड़की चाय बनाने अन्दर चली गई तभी उनके द्वारा अशोक के 4 वर्षीय पुत्र हरेन्द्र को दुकान पर ले जाने के बहाने अपहरण कर लिया तथा मोटर साइकिल पर बैठाकर पवन के गांव अहरौली लेकर आ गये, वहां पर पवन की पत्नी नीतू तथा सन्जू की पत्नी कमलेश द्वारा हरेन्द्र को अपने कब्जे में रखकर छिपाया गया, तत्पश्चात पवन व उसके साथियों तथा कमलेश एवं नीतू द्वारा हरेन्द्र को लेकर पवन की बहन राधा रानी पत्नी सुशील कुमार निवासी इज्जतनगर थाना शास्त्रीनगर जनपद बरेली के घर में लेकर आ गये तथा वहीं पर छिपा कर रखा गया, इस बीच राधा रानी गतिविधियां की जानकारी हेतु रिश्तेदारी का बहाना बनाकर अशोक के घर आती जाती रही, पुलिस के कब्जे में आये पवन एवं उससे की गई पूछताछ के आधार पर अपह्रत की सकुशल बरामदही एवं अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों को बदायूं बरेली एवं आसपास के जनपदों में रवाना किया गया, एक टीम पवन को साथ लेकर राधा रानी मकान बरेली के इज्जतनगर पहुंची तो मकान मालिक बताया कि उक्त सभी लोग एक बच्चे को लेकर यहां से स्टेशन के लिये रवाना हो गए हैं, मकान मालिक से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम रेलवे स्टेशन की की ओर पवन के साथ रवाना हो गये जहां पहुंचने पर पवन ने बाहर निकलते हुए राधा रानी के बेटे ( अपने भान्जे ) राहुल पुत्र सुशील कुमार देख लिया,  राहुल पुलिस को देखकर भागने लगा तो पुलिस द्वारा एक बारगी दबिश देकर राहुल उपरोक्त को गिरफ्तार कर लिया गया, राहुल द्वारा पुलिस को बताया गया कि उसकी मां राधा रानी, पवन की पत्नी नीतू एवं सोनू की पत्नी कमलेश हरेन्द्र को लेकर कासगंज जाने वाली ट्रेन में बैठकर चले गये हैं । अपहरणकर्ताओं एवं अपह्रत के बारे में जानकारी मिलने के पश्चात टीम द्वारा सड़क माध्यम से पीछा किया गया तब तक ट्रेन ऊझानी स्टेशन पहुंच गई थी, पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा जनपद बरेली एवं बदायूं के जीआरपी थानों को सूचित कराकर उक्त ट्रेन में अपह्रत हरेन्द्र की छानबीन शुरु करा दी गई तो रेलवे स्टेशन ऊझानी पर हो रही चेकिंग को देखकर राधा रानी, नीतू , एवं कमलेश हरेन्द्र को ट्रेन में ही छोडकर फरार हो गई, तत्पश्चात जीआरपी पुलिस द्वारा मासूम हरेन्द्र को ट्रेन से रोता हुआ बरामद किया गया,
तत्पश्चचात मंगलवार  दिनांक 5 मार्च को पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर जनपद बरेली में स्थित राधा रानी के घर से अभियुक्तगण 1 राधा रानी पत्नी सुशील कुमार निवासी  इज्जतनगर थाना शास्त्रीनगर जनपद बरेली जो कि अपने आपको मानवाधिकार कार्यकत्री बताती है, 2 नीतू पत्नी पवन निवासी अहरौली थाना व जनपद कासगंज, 3 कमलेश पत्नी संजू निवासी अहरौली थाना व जनपद कासगंज को गिरफ्तार किया गया तथा राधा रानी के घर से ही घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल हीरो होण्डा सीडी डीलक्स बरामद की गई, पुलिस टीम द्वारा किये गये इस सराहनीय कार्य की जन सामान्य में भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र अलीगढ द्वारा सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
निरीक्षक छोटे लाल मय स्टाफ, प्रभारी निरीक्षक पटियाली विनोद कुमार मिश्रा मय स्टाफ, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार प्रभारी स्वाट- सर्विलांस टीम कासगंज, सर्विलांस एक्सपर्ट प्रेमपाल व उपनिरीक्षक इन्दु वर्मा मय स्टाफ को 50 हज़ार रूपये तथा पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा 25 हज़ार रूपये के नकद पुरूस्कार की घोषणा की गयी है।

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