गंगा एक्सप्रेसवे बनने से कासगंज की तराई हो सकती है आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित।


गंगा एक्सप्रेसवे बनने से कासगंज की तराई हो सकती है आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित
प्रयाग से कछला होते हुए मेरठ तक गंगा किनारे बनेगा 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे।


(अमित तिवारी) कासगंज। आज कुम्भ मेले में योगी ने गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर सैद्धांतिक घोषणा की है, इस गंगा एक्सप्रेसवे के बनते ही कासगंज के तराई इलाके को भी विकास के पंख लगेंगे।इस एक्सप्रेसवे के बनने से कासगंज की तराई आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित की जा सकती है। प्रयाग कुंभ मेले में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सीएम योगी ने प्रयागराज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए दुनिया के सबसे बड़े आधुनिक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को आज सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है,
योगी ने बताया कि 600 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 6.5 हज़ार हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, इस 4 लेन प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को 4 लेन को 6 लेन तक एक्सटेंड किया जा सकेगा, इस महापरियोजना पर अनुमानित 36 हज़ार करोड़ रुपये तक खर्च आने की संभावना है,
इस प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे महापरियोजना के साकार होते ही कासगंज जनपद के नरदौली, कादरगंज, सुनगढ़ी, शहवाजपुर, नगरिया आदि गंगा तराई इलाकों की किस्मत बदल जाएगी, बीते एक दशक पूर्व जब मायावती सरकार ने इस परियोजना का खाका खींचा था तब देशभर के पूंजीपतियों ने गंगा के इस कटरी इलाके में जमीनों की एक बड़ी खरीद फरोख्त भी की थी,
गंगा एक्सप्रेसवे बनते ही जनपद कासगंज के गंगा तटीय इलाकों को आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित किया जा सकेगा, योगी सर्कार द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे की सैद्धांतिक घोषणा मात्र से से इस प्रकार की विकास रुपी परिकल्पनाओं को पंख से लग गए हैं

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