बच्चों को बीमारियों से नहीं बचा पा रहा मिजिल्स रूबैला का टीका

बच्चों को बीमारियों से नहीं बचा पा रहा मिजिल्स रूबैला का टीका,
टीके लगवाने के एक सप्ताह बाद भी बच्चे खसरा और चिकिनपॉक्स से पीड़ित,
इलाज को लेकर असमंजस में पड़े परिजन, पीड़ितों को दे रहे घरेलू उपचार,






कासगंज। जनपद में मिजिल्स रूबैला के टीके भी बच्चों को बीमार होने से नहीं बचा पा रहे हैं। टीकाकरण कराने के एक-एक सप्ताह बाद भी अन्य सामान्य बीमारियों के साथ ही बच्चों में खसरा, चिकिनपॉक्स आदि बीमारियां पनप रहीं हैं। जिसको लेकर परिवार के लोग खासे परेशान हैं। पीड़ितों की मानें तो क्षेत्रीय आशा कार्यकत्रियों को बच्चों के बीमार होने के बादे में बताया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही, जिसकी वजह से परिवारीजन असमंजस में हैं और मजबूरन घरेलू उपचार ही दिला रहे हैं। 
गंभीर बीमारियों से बचाव को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिजिल्स और रूबैला के नाम से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस टीके में कई रोगों से बचाव की क्षमता बताई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे टीके की बुस्ट डोज भी बताया है। बच्चों को बीमार होने से बचाने के लिए अभिभावक भी इसमें रूचि ले रहे हैं। जहां भी कैंप लगा हुआ, वहां पहुंच बच्चों को टीके लगवा रहे हैं। इस दौरान टीका लगने का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है। टीके लगवाने के बाद भी बच्चे विभिन्न रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। चिकिनपॉक्स, खसरा आदि बीमारियां बच्चों को अपनी चपेट में ले रहे हैं, जिसकी वजह से परिजन परेशान हैं। निकटवर्ती गांव बांकनेर निवासी भगवान सिंह की पत्नी सर्वेश बताती हैं कि उन्होने अपनी लगभग सात वर्षीय बेटी मोनिका को स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे टीके लगवाए। लगभग एक सप्ताह का समय बीत चुका है, उसके बाद भी उनकी बेटी खसरे की चपेट में है। इससे पूर्व उनकी बडी बेटी प्रीती को भी चिकिनपॉक्स निकल चुका है। टीका लगने की वजह से अब वह उपचार को लेकर असमंजस में हैं, जिससे घरेलू उपचार देकर ही बीमारी समाप्त होने का इंतजार कर रही हैं। 

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