दरियावगंज झील पर 2 फरबरी को होने जा रहे आद्रभूमि सम्मेलन की औपचारिक घोषणा।

दरियावगंज झील पर 2 फरबरी को होने जा रहे आद्रभूमि सम्मेलन की औपचारिक घोषणा।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर प्रोफेसर, वनस्पति वैज्ञानिक, शोधकर्ता व सैकड़ों छात्र होंगे इस सम्मेलन का हिस्सा।
दरियावगंज झील को यूपी वेटलैंड बोर्ड में अधिसूचित करने की योजना पर हो रहा है काम।



कासगंज। दरियावगंज की विशालकाय झील पर  2 फरबरी को वर्ल्ड वेटलैंड डे अर्थात विश्व आद्रभूमि दिवस के अवसर पर एक सम्मेलन होने जा रहा है, यह जानकारी कासगंज के जिला वन्य अधिकारी ने दी है, इस आद्रभूमि सम्मेलन में एक नेचर वॉक भी आयोजन होगा जिसमें कई प्रोफेसर,वानस्पतिकवेत्ता, शोधकर्ता व सैकड़ों
छात्रों को हिस्सा लेने के लिये आमंत्रित किया गया है। यह सभी विशेषज्ञ झील व उसके आसपास उपस्थित सीप शंख पक्षी जलीय जीव जंतु वनस्पति का करीब से अध्ययन भी करेंगे।
इस पूरे सम्मेलन का आयोजन कासगंज जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी औपचारिक घोषणा हो चुकी है,


1 फरबरी को एनसीसी केडेट्स, एनआर पब्लिक स्कूल व साईं मॉडल पब्लिक स्कूल के छात्र जो कि 2 फरबरी को दरियावगंज झील पर होने जा रहे कार्यक्रम के लिए अभ्यास  करेंगे।

आपको बता दें कि एक सोशल  रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सौ वर्षों में हमारे देश के 64 फीसदी आद्र क्षेत्र लुप्त हो चुके हैं, यह आद्र क्षेत्र यानी वेटलैंड जल संरक्षण के साथ साथ जीव जंतु पशु पक्षी व वनस्पति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा रखते हैं,

हमारे जनपद कासगंज में तकरीबन 300हैक्टेयर आद्रभूमि क्षेत्र अर्थात वेटलैंड कई झीलों के रूप में विद्यमान हैं,

जनपद कासगंज के आर्द्रभूमि क्षेत्र अर्थात वेटलैंड के रूप में तकरीबन 70 से 100 हैक्टेयर में दरियावगंज झील, 100 हैक्टेयर में सुनगढ़ी झील, 100 हैक्टेयर में रामछितौनी झील, 15हैक्टेयर में याकूत गंज व सहावर के पास एक झील एवं तक़रीबन 4.5  हैक्टेयर में कलेक्ट्रेट के पीछे करूआ देवता के पास मौजूद झील नाम प्रमुखता से आता है, जिनके संरक्षण को लेकर कासगंज जिला प्रशासन एक बड़ी कार्ययोजना पर काम कर रहा है।

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